कंप्युटर की पीढ़ियां | GENERATION OF COMPUTER IN HINDI

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हेलौ दोस्तों आज हम आपको अपने वेबसाइट www.hindiji.net में कंप्यूटर की 5 generation को बताएगें ।

की किस तरह से कंप्यूटर पर कितने तरह से एक के बाद एक अविष्कार किये गये और आज आप जो कंप्यूटर या लैपटॉप चलाते हो उसको बनाने के पीछे कितने लोगो का सहयोग है।

आईये जानते है first generation, second generation, third generation, fourth generation, fifth generation के बारे में ।

कंप्यूटर की पीढ़िया (Generation of computer )

कंप्यूटर की टोटल 5 पीढ़िया है।


1. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर FIRST GENERATION.

• 1946-1956 ई. से माना गया है ।

• इन कंप्यूटर में इलेक्ट्रॉनिक सरकेट के रूप में निर्वात नलियों (vaccum tube) का प्रयोग किया गया था।

• ये निर्वात नलियों एक लचीले कांच की बनी होती थी जिनके अन्दर से हवा को बिल्कुल बाहर निकाल दिया जाता था।

• और इसके अन्दर फिर इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होते थे जिसके कारण ये बहुत गर्म हो जाती थी इसकी हीट को ठंडा करने के लिये बड़े-बड़े AC की जरुरत पड़ती थी।

• इन कंप्यूटर का आकार 30×50 के रूम के बराबर था और इनका वजन 30 टन था।

• अब इनको चलाने के लिये हमें 1.5 लाख के बराबर की पावर की जरुरत पड़ती थी।

• इनकी स्पीड बहुत कम थी।

• इसके अन्दर इनपुट के रूप में पंच कार्ड भी उपयोग किया गया ।

• आंतरिक मैमोरी में magnetic drum का प्रयोग किया गया ।

• ये एक कंप्यूटर में आते है जैसे-

• ENIAC, IBM 360, UNIAC आदि।

• इस कंप्यूटर में LLL (LOW LEVEL LANGUAGE) भाषा का प्रयोग होता था।

• मतलब मशीनी भाषा (machine language) जिसको हम बाइनरी भाषा बोलते हैं जैसे- 0 और 1.

• धीरे-धीरे इन कंप्यूटर में जो ASSEMBLY LANGUAGE का प्रयोग हुआ ।

• पर इनकी गति ज्यादा धीरे थी इनका जो मुख्य प्रयोग था वो 2 प्रकार से हम कर सकते थे।

• 1 पेरोल प्रोसेसिंग रिकॉर्ड रखने के लिये।

• Vaccum tube  का अविष्कार 1904 में John flaming ने कर दिया था।

2. दुसरी पीढ़ी 1956-1964 ई. तक SECOND GENERATION.

• अब ये 2 पीढ़ी क्यों आ गई क्योकि पहली पीढ़ी में जो निर्वात नली का प्रयोग किया गया था उस निर्वात नली के स्थान में transistor का उपयोग किया जाने लगा।

• निर्वात नली आकार में बहुत बड़ी होती थी transistor का आकार बहुत छोटा होता था तो उसने पूरे कंप्यूटर के आकार को छोटा कर दिया था।

• पावर की खपत भी कम हो गई थी।

• इनपुट के रूप मे पंच कार्ड का उपयोग किया गया ।

• यह मैमोरी के रूप में मैग्नेटिक कोर का प्रयोग किया।

• अब थोड़े तेज गति के इनपुट आउटपुट व प्रोसेसेंग की स्पीड बढ़ने लगी।

• और LLL के स्थान पर हाई लैवल लैंग्वेज (HLG) का प्रयोग होने लगा जैसे- COBOL, FORTRAN आदि।

• Disk- magnetic tape का प्रयोग होने लगा था।

• फ़ाईल स्टोर ,फ़ाईल अपडेट बिल्लिंग ,पेरोल आदि का प्रयोग होने लगा था।

• IBM 1401

• UNIVAC 110 का प्रयोग होने लगा।

• TRANSISTOR- 1947 ई. मे अमेरिका के BEL लेब में 3 विज्ञानिको ने मिलकर अविष्कार किया।

• परंतु इसका मुख्य अविष्कारकर्ता – WILLIAM SOCKALE को माना जाता था।

• ये TRANSISTOR सिलिकॉन नामक अर्द्धचालक  का बना हुआ एक इलेक्ट्रॉनिक सरकेट होता हैं जिसके कारण ये कम हीट उत्पन्न करता था ।

3. तीसरी पीढ़ी 1965-1975 ई THIRD GENERATION.

• इस पीढ़ी में transistor के जगह में IC (INTEGRATED CIRCUIT) का प्रयोग होने लगा।

• IC एक ऐसी चीज़ हैं जिसके अन्दर लाखों करोड़ों TRANSISTOR  आ सकते है।

• कंप्यूटर का साइज़ अब छोटी अलमारी होकर एक कंप्यूटर टेबल के बराबर हो गई ।

• और मैमोरी में भी HD, FD, CD, DVD आदि का अविष्कार होने लग गए ।

• स्पीड बहुत ज्यादा हो गई ।

• यहा से कंप्यूटर को सभी क्षेत्रों मे इस्तेमाल होने लगे ।

• हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया ।

• यहा पर RAM का प्राइमरी मैमोरी के रूप मे इस्तेमाल किया जाने लगा ।

• यहा माइक्रोप्रोसेसर का अविष्कार हुआ।

• यहा पर DOS ,OS का अविष्कार हुआ।

• कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का भी अच्छे स्तर पर बनाया जाने लगा।

• प्रिंटेर स्केनर का भी अविष्कार होने लगा ।

• C लैंग्वेज का इस्तेमाल Bel  लेब में हुआ।

• IC- का निर्माण JACK KILBY  और ROBERT NOYCE  ने मिलकर 1958 में अविष्कार किया था।

• अब आप कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदोगे उसके अन्दर ये IC चिप होती है।

• ये भी एक सिलिकॉन नामक अर्द्ध चालक की बनी होती है।

• IC में SSI SMALL SCALE INTEGRATION 10-30 सरकेट होती हैं ।

• MSI- MEDIUM  SCALE INTEGRATION इसमें 100 से अधिक सरकेट होते है ।

• LSI-LARGE SCALE INTEGRATION 1000 से ज्यादा सरकेट मिलते हैं ।

• VLSI -VERY LARGE SCALE INTEGRATION लाखों मे।

• ULSI – ULTRA LARGE SCALE INTEGRATION करोड़ों मे।


4. चोथी पीढ़ी के कंप्यूटर 1975- 1985 ई. FOURTH GENERATION.

• इस पीढ़ी के कंप्यूटर आपको आज भी बाज़ार में देखने को मिल जाएंगे।

• इनमें VLSI का प्रयोग होना शुरु हो गया इसकी मदद से अत्यधिक गति वाले व कम उर्जा निकालने वाले कंप्यूटर का अविष्कार होने लगा।

• कंप्यूटर का आकार और छोटे होने लग गए ।

• कंप्यूटर शिक्षा, व्यापार आदि और सभी क्षेत्रों मे इस्तेमाल होने लग गया।

• माइक्रो कंप्यूटर व मिनी कंप्यूटर का दौर शुरु हो गया ।

• पहली माइक्रोप्रोसेसर कंप्यूटर MITS कम्पनी ने बनाया था।

• इसका अविष्कार 1971 M.E HOFF  ने किया था और इसी समय प्रथम सुपर कंप्यूटर CRAY K1 S1का अविष्कार हुआ ।

• नये विंडो सॉफ्टवेयर का अविष्कार हुआ जैसे MS विंडो, APPLE OS आदि।

• LAN और WAN का जन्म भी हुआ।

5. पांचवी पीढ़ी (1985- वर्तमान तक) FIFTH GENERATION.

• चिप VLSI के साथ साथ ULSI चिप का इस्तेमाल किया गया ।

• लैपटॉप, PDA ,डेस्कटॉप, मोबाइल इंटरनेट आदि का अविष्कार हुआ।

• WWW ,ईमेल आदि का विकास हुआ।

• कंप्यूटर का आकार और स्पीड बहुत ज्यादा हो गया ।

• कम बिजली की खपत होने लगा।

• आज multimedia , AI का विकास करने की कोशिश की जा रही है।

• आज की GENERATION जो है QUANTUM कंप्यूटर तक जा सकती है।

दोस्तों हमने आपको आज अपने आर्टिकल में कंप्यूटर के 5 पीढ़ी यानी 5 generation के बारे में जानकारी दी है आपकों जानकारी अच्छी लगी तो आगे शेयर जरुर करे।

धन्यवाद ।

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